अंजली गुप्ता
लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया l
नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भगवान महावीर जयंती के अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं और करुणा, दया व अहिंसा के मार्ग पर चलने का संदेश दिया।
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि भगवान महावीर का जीवन सत्य, अहिंसा और करुणा के सिद्धांतों का प्रकाश स्तंभ है। उनके आदर्श न केवल आध्यात्मिक रूप से प्रेरणादायक हैं, बल्कि आज के समय में भी अत्यंत प्रासंगिक हैं।
उन्होंने कहा कि भगवान महावीर द्वारा समानता और दया पर दिया गया जोर हमें समाज के प्रति हमारी जिम्मेदारियों का एहसास कराता है। प्रधानमंत्री ने अपने एक अन्य संदेश में सत्य, सद्भाव और सद्व्यवहार को जीवन का आधार बताते हुए कहा कि ये मूल्य मानवता के लिए मार्गदर्शक बने रहेंगे।
प्रधानमंत्री ने एक संस्कृत सुभाषित भी साझा किया—
“श्रूयतां धर्मसर्वस्वं श्रुत्वा चैवावधार्यताम्।
आत्मनः प्रतिकूलानि परेषां न समाचरेत्॥”
जिसका अर्थ है कि जो व्यवहार हमें स्वयं के लिए उचित नहीं लगता, वह दूसरों के साथ भी नहीं करना चाहिए।
गौरतलब है कि महावीर जयंती जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर के जन्म कल्याणक के रूप में मनाई जाती है। जैन परंपरा के अनुसार उनका जन्म 599 ईसा पूर्व वैशाली के कुंडलपुर में हुआ था। इस दिन मंदिरों में पूजा-अर्चना, रथ यात्राएं और प्रवचन आयोजित किए जाते हैं।
महावीर जयंती का मूल संदेश अहिंसा, सत्य, अपरिग्रह और समानता जैसे मानवीय मूल्यों को अपनाने का है, जो आज भी समाज के लिए मार्गदर्शक सिद्धांत हैं।