अंजली गुप्ता
लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
नई दिल्ली, 25 फरवरी 2026। दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित हंसराज महाविद्यालय में बुधवार को माहौल कुछ अलग ही नजर आया। परिसर में सिर्फ एक शैक्षणिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि संवैधानिक चेतना का उत्सव मनाया गया। “हमारा संविधान – हमारा स्वाभिमान” अभियान के तहत “अपने संविधान को जानें” विषय पर आयोजित परिचर्चा, निबंध लेखन और प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता ने विद्यार्थियों में नई ऊर्जा और गर्व का संचार किया।
यह आयोजन डॉ. अंबेडकर अंतरराष्ट्रीय केंद्र और हिंदुस्तानी भाषा अकादमी के सहयोग से संपन्न हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन से हुई, लेकिन असली रोशनी विद्यार्थियों के विचारों से फैली, जब उन्होंने संविधान की प्रस्तावना, मौलिक अधिकारों और कर्तव्यों पर अपने दृष्टिकोण साझा किए।

कार्यक्रम में मौजूद मुख्य वक्ता डॉ. मोहम्मद अमीन ने जब प्रस्तावना के शब्द “हम भारत के लोग” की व्याख्या की, तो सभागार तालियों से गूंज उठा। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की असली ताकत जनता है और युवाओं को अपने अधिकारों के साथ कर्तव्यों को भी समान महत्व देना चाहिए।
मुख्य अतिथि कर्नल आकाश पाटिल ने भारतीय संविधान को वैश्विक स्तर पर अद्वितीय बताते हुए कहा कि यह विविधताओं से भरे देश को एक सूत्र में बांधने की क्षमता रखता है। वहीं, हिंदुस्तानी भाषा अकादमी के अध्यक्ष सुधाकर पाठक ने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे संविधान को केवल पाठ्यक्रम तक सीमित न रखें, बल्कि उसे जीवन का हिस्सा बनाएं।
निबंध और प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। प्रतिभागियों के विचारों में संविधान के प्रति समझ, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी स्पष्ट रूप से झलक रही थी। विजेताओं को सम्मानित किया गया, जिससे पूरे सभागार में उत्साह का वातावरण बन गया।

कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन के साथ आयोजन का समापन हुआ, लेकिन विद्यार्थियों के मन में संवैधानिक मूल्यों को लेकर जो जागरूकता और आत्मगौरव की भावना जगी, वह लंबे समय तक बनी रहने वाली है। यह आयोजन साबित करता है कि जब युवा अपने संविधान को जानने और समझने की दिशा में कदम बढ़ाते हैं, तो लोकतंत्र की नींव और भी मजबूत होती है।