लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
शालू कुमारी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रेस कॉन्फ्रेंस न करने का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में है। न्यूज़ीलैंड दौरे के दौरान मीडिया से बातचीत के समय उनसे यह सवाल पूछा गया कि वे नियमित प्रेस कॉन्फ्रेंस क्यों नहीं करते। इस सवाल के बाद यह विषय फिर से राजनीतिक और मीडिया जगत में सुर्खियों में आ गया।
रिपोर्ट्स के अनुसार, सवाल प्रधानमंत्री की मीडिया से सीधे संवाद की शैली को लेकर था। प्रेस कॉन्फ्रेंस को लोकतांत्रिक व्यवस्था में सरकार और मीडिया के बीच संवाद का महत्वपूर्ण माध्यम माना जाता है। हालांकि, प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से इस सवाल पर तत्काल कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई।
प्रधानमंत्री मोदी अक्सर सार्वजनिक सभाओं, इंटरव्यू, सोशल मीडिया, रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' और अन्य डिजिटल माध्यमों के जरिए जनता से संवाद करते रहे हैं। वहीं, विपक्ष लंबे समय से उनसे खुली प्रेस कॉन्फ्रेंस करने की मांग उठाता रहा है।
न्यूज़ीलैंड में उठा यह सवाल एक बार फिर प्रधानमंत्री के मीडिया संवाद के तरीके को लेकर बहस का विषय बन गया है। फिलहाल इस मुद्दे पर सरकार की ओर से कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी नहीं किया गया है।