डीसी कौशल
लोकल न्यूज ऑफ इंडिया
नौणी, 27 फरवरी 2026। हिमाचल प्रदेश में उच्च शिक्षा एवं कृषि क्षेत्र से जुड़ा एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक कदम सामने आया है। राज्य सरकार द्वारा कृषि, बागवानी एवं वानिकी (संशोधन) अधिनियम 2025 को विधानसभा में पारित कराने के बाद अब पालमपुर और नौणी विश्वविद्यालय में स्थायी कुलपति की नियुक्ति के लिए विज्ञापन जारी कर दिया गया है। इससे लंबे समय से लंबित स्थायी नियुक्ति की प्रक्रिया को गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
नौणी स्थित डॉ. वाई.एस. परमार हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय में कुलपति पद पर स्थायी नियुक्ति का मामला काफी समय से चर्चा में था। संशोधन अधिनियम पारित होने के बाद अब नियुक्ति प्रक्रिया औपचारिक रूप से आगे बढ़ने लगी है, जिसे विश्वविद्यालय प्रशासन और छात्र समुदाय दोनों के लिए अहम माना जा रहा है।
नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) की नौणी इकाई ने इस निर्णय के लिए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को विशेष धन्यवाद दिया है। संगठन का कहना है कि यह कदम कृषि, बागवानी एवं वानिकी शिक्षा से जुड़े विद्यार्थियों के हित में दूरगामी प्रभाव डालेगा और विश्वविद्यालयों की प्रशासनिक स्थिरता सुनिश्चित करेगा।
एनएसयूआई नौणी इकाई ने इस पहल का श्रेय युवा कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष छत्रसिंह ठाकुर तथा युवा कांग्रेस महासचिव डॉ. रणजीत वर्मा को भी दिया है। संगठन का कहना है कि उनके सतत प्रयासों और मुख्यमंत्री के नेतृत्व में यह निर्णय संभव हो पाया।
छात्र संगठन ने अपने बयान में कहा कि कांग्रेस संगठन शिक्षा और कृषि क्षेत्र के विकास के लिए प्रतिबद्ध रहा है और यह निर्णय हिमाचल प्रदेश के युवा छात्रों के लिए नई संभावनाओं का मार्ग प्रशस्त करेगा। साथ ही, एनएसयूआई ने सरकार से यह भी आग्रह किया है कि कुलपति नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और गुणवत्तापरक हो, ताकि विश्वविद्यालयों का समग्र शैक्षणिक और शोध विकास सुनिश्चित किया जा सके।
विश्वविद्यालय से जुड़े शिक्षाविदों का मानना है कि स्थायी कुलपति की नियुक्ति से प्रशासनिक निर्णयों में निरंतरता आएगी, अनुसंधान परियोजनाओं को गति मिलेगी और कृषि एवं बागवानी आधारित नवाचारों को संस्थागत मजबूती मिलेगी।