लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
ऋचा बर्नवाल
नई दिल्ली: दिल्ली के लोधी कॉलोनी स्थित एनडीएमसी आवासीय परिसर में संदिग्ध परिस्थितियों में जान गंवाने वाली 28 वर्षीय नवविवाहिता के मामले में नए खुलासे सामने आए हैं। मृतका के भाई ने आरोप लगाया है कि उसकी बहन शादी के बाद लगातार दहेज को लेकर प्रताड़ना झेल रही थी, लेकिन उसने परिवार से यह बात कई हफ्तों तक छिपाए रखी। उसे उम्मीद थी कि नौकरी जारी रखकर वह धीरे-धीरे घर का सामान खरीद लेगी और ससुराल वालों के ताने बंद हो जाएंगे।
परिजनों के अनुसार, युवती की शादी 24 अप्रैल को हुई थी। शादी से पहले यह सहमति बनी थी कि वह नौकरी जारी रखेगी, लेकिन विवाह के बाद कथित तौर पर ससुराल पक्ष ने इस बात से इनकार कर दिया। परिवार का आरोप है कि उसे बेड, सोफा, अलमारी, फ्रिज और एयर कंडीशनर जैसे सामान न लाने पर लगातार ताने दिए जाते थे। साथ ही 10 से 20 लाख रुपये तक की अप्रत्यक्ष दहेज मांग भी की गई।
भाई ने बताया कि पिता की कैंसर से मौत के बाद परिवार आर्थिक संकट से गुजरा था। ऐसे में उसकी बहन अपने परिवार पर बोझ नहीं डालना चाहती थी। वह अपनी कमाई से धीरे-धीरे सामान खरीदकर विवाद खत्म करने की उम्मीद कर रही थी। हालांकि, घटना से एक दिन पहले उसने पहली बार परिवार को कथित मारपीट, धमकियों और लगातार हो रहे उत्पीड़न की पूरी जानकारी दी।
परिजनों का यह भी आरोप है कि पति उस पर लगातार नजर रखता था, उसके मोबाइल फोन की जांच करता था और मामूली बातों पर भी शक कर झगड़ा करता था। परिवार का कहना है कि उन्हें पहले लगा था कि यह सामान्य वैवाहिक विवाद है, लेकिन बाद में उन्हें कथित शारीरिक हिंसा और मानसिक प्रताड़ना की गंभीरता का पता चला।
दिल्ली पुलिस ने इस मामले में पति को गिरफ्तार कर लिया है और दहेज मृत्यु तथा पति या ससुराल पक्ष द्वारा क्रूरता से संबंधित धाराओं के तहत जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि सभी साक्ष्यों और गवाहों के बयान के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।