लिसिका ग्रोवर
लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने 30 अप्रैल को यूपी विधान मंडल का विशेष सत्र बुलाने का निर्णय लिया है। इस विशेष सत्र में महिला आरक्षण को लेकर विस्तृत चर्चा की जाएगी। रविवार को कैबिनेट बाई सर्कुलेशन के जरिए इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
सरकार ने महिला आरक्षण के मुद्दे पर अपनी स्थिति स्पष्ट करने और राजनीतिक संदेश देने के उद्देश्य से यह विशेष सत्र बुलाने का फैसला किया है। कैबिनेट की स्वीकृति के बाद यह प्रस्ताव राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के पास भेज दिया गया है। राज्यपाल की मंजूरी मिलने के बाद 30 अप्रैल से विशेष सत्र औपचारिक रूप से शुरू होगा।
इस सत्र में सरकार महिला आरक्षण पर अपना पक्ष मजबूती से रखेगी। साथ ही विपक्षी दलों को भी इस मुद्दे पर घेरने की रणनीति अपनाई जाएगी। भाजपा का आरोप है कि विपक्षी दलों की वजह से केंद्र स्तर पर महिला आरक्षण विधेयक को अपेक्षित समर्थन नहीं मिल सका।
गौरतलब है कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार संसद में महिला आरक्षण बिल को पारित कराने में सफल नहीं हो सकी। इसके बाद भाजपा और उसकी राज्य सरकारें विपक्ष पर हमलावर हैं। भाजपा का कहना है कि महिलाओं को राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने की दिशा में विपक्ष ने सहयोग नहीं किया।
अब उत्तर प्रदेश सरकार इस मुद्दे को प्रदेश की राजनीति में भी प्रमुखता से उठाने की तैयारी में है। माना जा रहा है कि विशेष सत्र के जरिए महिला सशक्तिकरण और राजनीतिक प्रतिनिधित्व के मुद्दे पर भाजपा अपनी मजबूत राजनीतिक स्थिति बनाने का प्रयास करेगी।