गुरप्रीत कालरा
लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिआ
डिजिटल युग की भागदौड़ और लगातार बढ़ते तनाव के बीच 2026 में ‘Slow Living’ एक बड़े लाइफस्टाइल ट्रेंड के रूप में उभर रहा है। इस ट्रेंड के तहत लोग अपनी रोजमर्रा की जिंदगी को सरल बनाने, स्क्रीन टाइम कम करने और परिवार, स्वास्थ्य तथा व्यक्तिगत रुचियों पर अधिक समय देने की कोशिश कर रहे हैं। खासकर Gen Z और युवा प्रोफेशनल्स सोशल मीडिया के दबाव से दूर होकर प्रकृति, किताबों, योग और ऑफलाइन गतिविधियों को अपना रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह ट्रेंड मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने, तनाव कम करने और जीवन में संतुलन स्थापित करने में मदद कर सकता है। यही वजह है कि दुनिया भर में ‘Slow Living’ को एक सकारात्मक और टिकाऊ जीवनशैली के रूप में देखा जा रहा है।