लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
शालू कुमारी
देश में कफ सिरप के बढ़ते दुरुपयोग और इसके अवैध इस्तेमाल पर रोक लगाने के उद्देश्य से सरकार ने इसकी बिक्री को लेकर सख्त कदम उठाया है। नए निर्देशों के तहत अब कुछ श्रेणी की कफ सिरप दवाएं केवल डॉक्टर के वैध प्रिस्क्रिप्शन पर ही उपलब्ध होंगी।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला युवाओं के बीच बढ़ रहे दवा दुरुपयोग को रोकने में मददगार साबित हो सकता है। कई डॉक्टरों ने कहा कि कफ सिरप में मौजूद कुछ तत्वों का गलत तरीके से सेवन स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। ऐसे में प्रिस्क्रिप्शन आधारित बिक्री आवश्यक है।
हालांकि, कुछ चिकित्सकों का यह भी कहना है कि ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में रहने वाले मरीजों को सामान्य खांसी-जुकाम के इलाज के लिए डॉक्टर तक पहुंचने में परेशानी हो सकती है। इसलिए सरकार को जागरूकता अभियान और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार पर भी ध्यान देना चाहिए।
विशेषज्ञों के अनुसार, मरीजों को किसी भी दवा का सेवन चिकित्सकीय सलाह के अनुसार ही करना चाहिए। दवाओं का अनियंत्रित उपयोग न केवल स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है, बल्कि दवा प्रतिरोधकता जैसी समस्याओं को भी जन्म दे सकता है।
सरकार का मानना है कि यह कदम दवा वितरण प्रणाली को अधिक सुरक्षित और जिम्मेदार बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।