अंजली गुप्ता
लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
वाराणसी, 28 फरवरी। उत्तर प्रदेश के Banaras Hindu University के महिला महाविद्यालय में नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेज़, इंडिया (वाराणसी चैप्टर) के सहयोग से नेशनल साइंस डे पूरे उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य स्नातक छात्राओं में वैज्ञानिक जागरूकता और वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देना रहा।
नेशनल साइंस डे की पूर्व संध्या पर “आओ हाथ बढ़ाएं, विज्ञान को विस्तार दें” थीम के तहत आयोजित कार्यक्रम में स्कूल विद्यार्थियों और विश्वविद्यालय के शोधार्थियों के बीच संवाद हुआ। महिला महाविद्यालय की लगभग 45 अंडरग्रेजुएट छात्राओं ने बुनियादी वैज्ञानिक अवधारणाओं को प्रदर्शित करने के लिए रोचक ‘डू-इट-योरसेल्फ’ प्रोजेक्ट तैयार किए।
कार्यक्रम में टिंडल इफेक्ट, प्रकाश का प्रकीर्णन (लाइट स्कैटरिंग), सतही तनाव (सरफेस टेंशन), वायु दाब (एयर प्रेशर) तथा मेथिलीन ब्लू स्टेनिंग द्वारा बुक्कल एपिथेलियल कोशिकाओं के अध्ययन जैसे प्रयोग सरल और इंटरैक्टिव तरीके से प्रस्तुत किए गए। विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रदर्शन देखे, प्रश्न पूछे और सक्रिय सहभागिता कर कक्षा शिक्षण से आगे बढ़कर व्यावहारिक ज्ञान अर्जित किया।
उद्घाटन सत्र को वाराणसी चैप्टर की चेयरपर्सन प्रो. मधुलिका अग्रवाल ने संबोधित करते हुए छात्राओं को दैनिक जीवन में वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रेरित किया। प्रो. अभय कुमार सिंह, प्रो. जगत कुमार रॉय और नासी फेलो प्रो. एस. बी. अग्रवाल ने भारत के नवीनतम वैज्ञानिक मिशनों और विज्ञान में करियर की संभावनाओं पर चर्चा की।
समापन सत्र और प्रमाणपत्र वितरण समारोह में महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. रीता सिंह ने कहा कि महिला महाविद्यालय बीएचयू के आउटरीच कार्यक्रमों में लगातार अग्रणी भूमिका निभा रहा है और भविष्य में भी विज्ञान प्रसार की दिशा में ऐसे आयोजन जारी रहेंगे।