लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
शालू कुमारी
पर्यावरण संरक्षण की दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने देशभर में मौजूद करीब 15 हजार पवित्र वनों (Sacred Groves) के संरक्षण और पुनर्स्थापन के लिए ₹3000 करोड़ की 'आस्था वन संरक्षण योजना' को मंजूरी दी है।
यह पांच साल की योजना 2026-27 से 2030-31 तक लागू की जाएगी। इसके लिए फंडिंग नेशनल CAMPA फंड के माध्यम से की जाएगी।
क्या होते हैं पवित्र वन?
पवित्र वन यानी Sacred Groves ऐसे छोटे-बड़े वन क्षेत्र होते हैं, जिन्हें स्थानीय समुदाय धार्मिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक मान्यताओं के कारण संरक्षित रखते हैं। भारत के कई हिस्सों में इन्हें पारंपरिक संरक्षण व्यवस्था का हिस्सा माना जाता है।
नई योजना के तहत इन पवित्र वनों को 'आस्था वन' के रूप में विकसित और संरक्षित किया जाएगा।
CAMPA फंड से होगा संरक्षण कार्य
इस योजना को मंजूरी नेशनल कंपेंसेटरी अफॉरेस्टेशन फंड मैनेजमेंट एंड प्लानिंग अथॉरिटी (CAMPA) की 7वीं गवर्निंग बॉडी बैठक में दी गई। यह बैठक कोयंबटूर में आयोजित हुई थी, जिसकी अध्यक्षता केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने की।
योजना के तहत जंगलों की बहाली, जैव विविधता संरक्षण और खराब हो रही भूमि के सुधार पर भी ध्यान दिया जाएगा।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद बड़ा कदम
आस्था वन संरक्षण योजना का संबंध सुप्रीम कोर्ट के 18 दिसंबर 2024 के एक निर्देश से भी है। राजस्थान से जुड़े एक मामले में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को पवित्र वनों के संरक्षण के लिए कदम उठाने को कहा था।
इस योजना के जरिए सरकार का लक्ष्य पारंपरिक वन संरक्षण प्रणालियों को मजबूत करना, जैव विविधता को बचाना और पर्यावरण संतुलन बनाए रखना है।
विशेषज्ञों के अनुसार, पवित्र वन कई दुर्लभ पौधों और जीव-जंतुओं के प्राकृतिक आवास होते हैं। इनके संरक्षण से जल स्रोतों, मिट्टी और स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र को भी फायदा मिलेगा।