लिसिका ग्रोवर
लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
केंद्र सरकार के विधि एवं न्याय मंत्रालय द्वारा रविवार को विज्ञान भवन में टेली-लॉ पहल के तहत एक भव्य राष्ट्रीय परामर्श का आयोजन किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य प्रौद्योगिकी के माध्यम से देश के अंतिम व्यक्ति तक कानूनी सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करना है।
मंत्रालय के अनुसार, कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सीपी राधाकृष्णन होंगे, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में अर्जुन राम मेघवाल सहित कई गणमान्य व्यक्ति शामिल होंगे।
यह परामर्श ‘दिशा’ योजना के अंतर्गत आयोजित किया जा रहा है, जिसमें डिजिटल सशक्तीकरण को बढ़ावा देने के लिए कई नई पहलें पेश की जाएंगी। इस दौरान ‘न्याय सेतु’ नामक एआई आधारित चैटबॉट और उसके मैस्कॉट का अनावरण किया जाएगा, जो आम नागरिकों को उनके कानूनी अधिकारों की जानकारी देने और विवाद समाधान तक पहुंच बनाने में मदद करेगा।
कार्यक्रम में वर्ष 2025-26 के लिए “लाभार्थियों की आवाज” पुस्तिका का विमोचन भी किया जाएगा, जिसमें टेली-लॉ सेवाओं से लाभान्वित लोगों की प्रेरक कहानियां शामिल हैं। इसके अलावा नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी दिल्ली के सहयोग से तैयार कॉमिक पुस्तकों की श्रृंखला भी जारी की जाएगी, जो जटिल कानूनी अवधारणाओं को सरल भाषा में समझाने का प्रयास करेगी।
राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित होगा।
परामर्श के दौरान देशभर के टेली-लॉ वकीलों और ग्राम स्तरीय उद्यमियों के साथ लाइव संवाद किया जाएगा। साथ ही नि:शुल्क कानूनी सेवाओं पर विशेष सत्र आयोजित होगा और विशेषज्ञों के सुझावों के आधार पर एक श्वेत पत्र भी जारी किया जाएगा।
इस आयोजन में उच्चतम न्यायालय ई-कमेटी, राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, बार एसोसिएशन के सदस्य, विधि संस्थानों के छात्र सहित लगभग 1200 प्रतिभागी प्रत्यक्ष रूप से शामिल होंगे, जबकि हजारों लोग ऑनलाइन जुड़ेंगे।
यह राष्ट्रीय परामर्श न्याय व्यवस्था में असमानता को कम करने और तकनीक के माध्यम से ‘सबके लिए न्याय’ के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।