लिसिका ग्रोवर
लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ईरान युद्ध की आशंकाओं के बीच प्रधानमंत्री Narendra Modi की हालिया अपील पर देश की राजनीति गरमा गई है। PM मोदी ने लोगों से पेट्रोल-डीजल का सीमित इस्तेमाल करने, जहां संभव हो वहां वर्क फ्रॉम होम अपनाने और गैर-जरूरी विदेश यात्राएं टालने की सलाह दी थी।
प्रधानमंत्री की इस अपील के बाद विपक्षी दलों ने सरकार पर निशाना साधा है। विपक्ष का आरोप है कि सरकार जनता के बीच डर और अनिश्चितता का माहौल बना रही है। कुछ नेताओं ने सवाल उठाया कि क्या देश किसी बड़े आर्थिक या वैश्विक संकट की तैयारी कर रहा है।
कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के नेताओं ने कहा कि अगर हालात इतने गंभीर हैं तो सरकार को संसद और जनता के सामने पूरी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। विपक्ष का कहना है कि केवल अपील जारी करने के बजाय सरकार को ईंधन कीमतों, महंगाई और आर्थिक स्थिरता पर स्पष्ट रोडमैप देना चाहिए।
वहीं BJP नेताओं ने विपक्ष के आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया है। पार्टी का कहना है कि प्रधानमंत्री ने केवल ऊर्जा बचत और सावधानी बरतने की सामान्य सलाह दी है, ताकि वैश्विक हालात का असर आम लोगों पर कम पड़े।
विशेषज्ञों के मुताबिक, अमेरिका-ईरान तनाव के कारण वैश्विक कच्चे तेल बाजार में उथल-पुथल बढ़ी है। भारत जैसे बड़े तेल आयातक देशों पर इसका असर पड़ सकता है। इसी वजह से ऊर्जा बचत और खर्च नियंत्रण की बातें सामने आ रही हैं।
इस बीच सोशल मीडिया पर भी PM मोदी की अपील को लेकर बहस तेज हो गई है। कुछ लोग इसे समय रहते दी गई चेतावनी बता रहे हैं, जबकि कुछ इसे आर्थिक दबाव का संकेत मान रहे हैं।