लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
ऋचा बर्नवाल
तिरुवनंतपुरम: केरल के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने स्पष्ट किया है कि राज्य सरकार के मादक पदार्थ विरोधी अभियान 'ऑपरेशन तूफान' के नाम पर कथित अपराधियों या 'गुंडों' को शामिल कर किसी भी प्रकार की बैठक आयोजित करना पूरी तरह अस्वीकार्य है। उन्होंने कहा कि इस अभियान से जुड़ी आधिकारिक बैठकें केवल पुलिस अधिकारियों द्वारा ही बुलाई जा सकती हैं और किसी अनधिकृत बैठक को ऑपरेशन तूफान से जोड़ना उचित नहीं है।
गृह मंत्री ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्हें ऐसी किसी बैठक की जानकारी नहीं है, जिसमें कथित आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोगों को शामिल किया गया हो। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति या संगठन ऑपरेशन तूफान के नाम का इस्तेमाल कर बैठक करता है तो उसे सरकारी या पुलिस की आधिकारिक कार्रवाई नहीं माना जा सकता। उन्होंने दोहराया कि इस अभियान का संचालन केवल पुलिस विभाग की निगरानी में निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार किया जाता है।
यह विवाद उस समय सामने आया जब मीडिया के एक वर्ग में ऐसी खबरें आईं कि एक बैठक में कथित रूप से आपराधिक मामलों का सामना कर रहे कुछ लोगों को राज्य के नशा विरोधी अभियान में सहयोग करने के लिए बुलाया गया था। इस पर गृह मंत्री ने कहा कि ऑपरेशन तूफान का उद्देश्य कानून के दायरे में रहकर नशा तस्करी और मादक पदार्थों के नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई करना है तथा इसमें किसी भी तरह की अनौपचारिक या गैर-अधिकृत गतिविधि की कोई जगह नहीं है।
उन्होंने कहा कि ऑपरेशन तूफान राज्य सरकार और केरल पुलिस का एक व्यापक अभियान है, जिसके तहत मादक पदार्थों की तस्करी पर अंकुश लगाने, युवाओं को नशे से बचाने और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। अभियान के तहत पुलिस, आबकारी विभाग और अन्य एजेंसियां समन्वय के साथ काम कर रही हैं।
गृह मंत्री ने कहा कि सरकार कानून व्यवस्था बनाए रखने और नशा तस्करी के खिलाफ अभियान को पूरी पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अभियान के नाम पर किसी भी तरह की अनधिकृत गतिविधि या बैठक को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और आधिकारिक प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित किया जाएगा।