लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
मुस्कान
श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर में दो कथित रूप से ‘आपत्तिजनक’ किताबों को लेकर विवाद खड़ा हो गया है, जिसके बाद विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के पुस्तकालयों में इन पुस्तकों की उपलब्धता की जांच शुरू की गई है।
रिपोर्ट के अनुसार, इन किताबों की लगभग 251 प्रतियां पहले ही जम्मू-कश्मीर के स्कूलों में वितरित की जा चुकी थीं। प्रशासन ने कहा कि इन पुस्तकों को शामिल करना “गंभीर लापरवाही, कर्तव्य में चूक और उचित जांच-पड़ताल की कमी” का परिणाम था।
जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने इसके लिए उन सदस्यों को जिम्मेदार ठहराया है, जिन्होंने पुस्तकों को मंजूरी देने वाली उप-समिति में शामिल होकर इन्हें सूची में शामिल किया था। प्रशासन ने संबंधित प्रक्रिया की समीक्षा करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कदम उठाने की बात कही है।
इस मामले के बाद शिक्षा संस्थानों में पुस्तक चयन प्रक्रिया, समीक्षा व्यवस्था और अनुमोदन प्रणाली को लेकर सवाल उठे हैं। अधिकारियों का कहना है कि पुस्तकालयों में शामिल की जाने वाली सामग्री के लिए उचित जांच और दिशानिर्देशों का पालन जरूरी है।