लिसिका ग्रोवर
लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
Sonipat जिले के गांव मोई माजरी निवासी 23 वर्षीय युवक सागर राणा की Netherlands में एक हादसे के दौरान मौत हो गई। परिवार ने उसे विदेश भेजने के लिए करीब 25 लाख रुपये का कर्ज लिया था, लेकिन अब आर्थिक तंगी के चलते वे उसका पार्थिव शरीर भारत नहीं ला पा रहे हैं और सरकार से मदद की गुहार लगा रहे हैं।
परिजनों के अनुसार सागर 24 नवंबर 2024 को टूरिस्ट वीजा पर Paris गया था। कुछ समय वहां रहने के बाद वह जनवरी 2026 में नीदरलैंड चला गया, जहां उसे लंबे समय तक काम नहीं मिला। करीब 15 दिन पहले उसे एक स्थानीय व्यक्ति के यहां पेड़ काटने का काम मिला था।
परिवार का आरोप है कि 20-21 मार्च को काम के दौरान उसे किसी प्रकार के सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं कराए गए। पेड़ काटते समय अचानक पेड़ उसकी ओर गिरने लगा, जिससे वह सीढ़ी से गिर पड़ा और उसके सिर में गंभीर चोट आई। हादसे के बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां चार दिन तक इलाज चला और 25 मार्च को उसकी मौत हो गई।
परिवार ने बताया कि उनके पास केवल एक बीघा जमीन है और कोई स्थायी आय नहीं है। सागर ने 12वीं की पढ़ाई पूरी कर विदेश जाकर कर्ज चुकाने और घर बनाने का सपना देखा था।
जिला प्रशासन के अनुसार विदेश मंत्रालय और भारतीय दूतावास से संपर्क किया गया है और शव को भारत लाने की प्रक्रिया के लिए जरूरी दस्तावेज जुटाए जा रहे हैं। अधिकारियों ने परिवार को हर संभव सहायता का भरोसा दिया है।