आकांशा खटाना
लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा ने पहली असमिया फिल्म ‘जॉयमती’ की रिलीज के ऐतिहासिक दिन को याद करते हुए राज्य के सिनेमा उद्योग से जुड़े सभी लोगों को हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं।
मुख्यमंत्री ने मंगलवार को सोशल मीडिया पर एक संदेश साझा करते हुए कहा कि 10 मार्च 1935 को कोलकाता के रौनक हॉल में फिल्म ‘जॉयमती’ के प्रदर्शन के साथ असम के फिल्म इतिहास में एक ऐतिहासिक क्षण दर्ज हुआ था। इस फिल्म ने असमिया सिनेमा की यात्रा की शुरुआत की और राज्य की सांस्कृतिक पहचान को नई दिशा दी। उन्होंने कहा कि फिल्म ‘जॉयमती’ ने अहोम काल की महिमा, त्याग और आत्मसम्मान की भावना को बड़े प्रभावशाली ढंग से पर्दे पर प्रस्तुत किया। फिल्म के माध्यम से उस दौर के इतिहास और गौरव को जीवंत रूप में दर्शकों के सामने रखा गया, जिसने लोगों के दिलों को गहराई से छू लिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उस अनुभव की गहराई का उल्लेख करते हुए प्रख्यात साहित्यकार लक्ष्मीनाथ बेजबरुवा ने कहा था कि “दो घंटे तक ऐसा लगा मानो हम अहोम राज्य में प्रवेश कर गए हों।” मुख्यमंत्री ने इस ऐतिहासिक अवसर पर फिल्म के निर्माता और असमिया सिनेमा के अग्रदूत रूपकोंवर ज्योतिप्रसाद अग्रवाला को श्रद्धांजलि अर्पित की। साथ ही असम के सिनेमा उद्योग से जुड़े सभी कलाकारों, तकनीशियनों और अन्य लोगों को शुभकामनाएं देते हुए उनके योगदान की सराहना की।