गुरप्रीत कालरा
लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
अमेरिका की व्यापार नीति में बड़ा बदलाव करते हुए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कुछ आयातित वस्तुओं पर प्रस्तावित 25 फीसदी टैरिफ को घटाकर 15 फीसदी करने का फैसला किया है। इस कदम को वैश्विक व्यापार और निवेश माहौल के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि टैरिफ में कटौती से ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, मैन्युफैक्चरिंग, टेक्नोलॉजी और निर्यात आधारित उद्योगों को सीधा लाभ मिल सकता है। इससे आयात लागत कम होगी और कंपनियों की उत्पादन लागत पर भी दबाव घटेगा। निवेशकों ने भी इस फैसले का स्वागत किया है, जिससे संबंधित कंपनियों के शेयरों में तेजी देखने को मिल सकती है।
अर्थशास्त्रियों के अनुसार, टैरिफ में कमी से अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक संबंधों को मजबूती मिल सकती है और वैश्विक सप्लाई चेन पर पड़ने वाला दबाव भी कम होगा। हालांकि, अंतिम प्रभाव इस बात पर निर्भर करेगा कि यह राहत किन देशों और उत्पाद श्रेणियों पर लागू की जाती है।