गुरप्रीत कालरा
लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
Supreme Court of India ने 2027 में प्रस्तावित जाति जनगणना पर रोक लगाने की मांग को खारिज कर दिया है।
मुख्य न्यायाधीश Surya Kant की अध्यक्षता वाली पीठ ने सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता को कड़ी फटकार लगाई और कहा कि याचिका की भाषा शिष्टाचार के अनुरूप नहीं है।
सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस ने टिप्पणी करते हुए कहा कि इस प्रकार की “बदतमीजी भरी भाषा” में याचिका दाखिल करना स्वीकार्य नहीं है।
याचिका में 2027 की जाति जनगणना पर रोक लगाने की मांग करते हुए तर्क दिया गया था कि संसाधनों का वितरण आबादी के अनुसार जिम्मेदारीपूर्वक होना चाहिए। साथ ही, एक बच्चे वाले परिवारों को आर्थिक प्रोत्साहन देने के निर्देश जारी करने की भी मांग की गई थी।
इससे पहले भी 2 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट ने जाति जनगणना की प्रक्रिया, वर्गीकरण और सत्यापन को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया था।
गौरतलब है कि 2027 की जनगणना देश की 16वीं राष्ट्रीय जनगणना होगी और 1931 के बाद पहली बार बड़े स्तर पर जाति आधारित गणना किए जाने की योजना है।