लिसिका ग्रोवर
लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
सुपौल में करीब नौ वर्ष पुराने गैर इरादतन हत्या के मामले में अदालत ने अहम फैसला सुनाते हुए आरोपी को 10 वर्ष के कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई है।
अनंत सिंह की अदालत ने आरोपी गंगा प्रसाद साह को दोषी करार देते हुए 10 साल की सजा और 25 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया। अदालत ने यह भी कहा कि जुर्माना नहीं देने पर आरोपी को अतिरिक्त छह माह की सजा भुगतनी होगी।
अदालत में लंबी सुनवाई के दौरान कुल 10 गवाहों की गवाही हुई, जिनमें सात अभियोजन पक्ष और तीन बचाव पक्ष के गवाह शामिल थे।
यह मामला 9 मई 2017 का है, जब मृतक जयनारायण साह अपनी पत्नी के साथ घर के आंगन में बैठे थे। उसी दौरान आरोपी अपने परिजनों के साथ वहां पहुंचा और विवाद के दौरान गाली-गलौज करते हुए मारपीट शुरू कर दी।
विवाद बढ़ने पर आरोपी ने लकड़ी के डंडे से जयनारायण साह के सिर पर वार कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें इलाज के लिए पटना ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।
इस मामले में मरौना थाना कांड संख्या 56/17 और सत्रवाद संख्या 252/17 दर्ज किया गया था। अभियोजन पक्ष की ओर से राजेश कुमार सिंह ने पैरवी की, जबकि बचाव पक्ष की ओर से विनोद कांत झा ने बहस की।
अदालत ने 18 मार्च को आरोपी को दोषी ठहराया था और अब सजा के बिंदु पर अंतिम निर्णय सुनाया है। इस फैसले को पीड़ित परिवार के लिए न्याय और समाज के लिए एक सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है।