लिसिका ग्रोवर
लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। प्रधानमंत्री Narendra Modi की हालिया अपील, जिसमें उन्होंने लोगों से ईंधन की बचत करने को कहा था, उसके कुछ ही समय बाद तेल कंपनियों ने नए रेट जारी किए हैं।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव को इसकी बड़ी वजह माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर वैश्विक हालात ऐसे ही बने रहे, तो आने वाले दिनों में ईंधन और महंगा हो सकता है।
नई कीमतों के बाद दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई समेत कई बड़े शहरों में पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ गए हैं। इसका सीधा असर ट्रांसपोर्ट लागत और रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों पर पड़ सकता है।
आर्थिक जानकारों का कहना है कि पेट्रोल-डीजल महंगा होने से महंगाई दर पर दबाव बढ़ता है, क्योंकि माल ढुलाई से लेकर खेती और उद्योग तक लगभग हर क्षेत्र ईंधन पर निर्भर है। ऐसे में आने वाले हफ्तों में सब्जियों, दूध और अन्य जरूरी सामानों के दाम भी प्रभावित हो सकते हैं।
विपक्ष ने ईंधन मूल्य वृद्धि को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। विपक्षी दलों का कहना है कि आम जनता पहले ही महंगाई से परेशान है और अब पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दाम से घरेलू बजट पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।
वहीं सरकार का कहना है कि वैश्विक परिस्थितियों और कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता की वजह से कीमतों पर असर पड़ रहा है। सरकार लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।