गुरप्रीत कालरा
लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
पश्चिम बंगाल की राजनीति में SIR विवाद एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गया है। चुनाव खत्म होने के बाद भी यह मुद्दा लगातार सियासी बहस को हवा दे रहा है। विपक्ष इसे ममता बनर्जी का “अंतिम राजनीतिक दांव” बता रहा है, जबकि तृणमूल कांग्रेस इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा बता रही है।
बीजेपी और विपक्षी दलों का आरोप है कि SIR प्रक्रिया को लेकर राज्य में भ्रम और राजनीतिक ध्रुवीकरण की स्थिति बनाई जा रही है। वहीं टीएमसी नेताओं का कहना है कि विपक्ष जनता के मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बंगाल में चुनाव के बाद भी सियासी टकराव कम होने के बजाय और तेज हुआ है। SIR विवाद आने वाले समय में राज्य की राजनीति और संगठनात्मक रणनीतियों पर असर डाल सकता है।
इस मुद्दे को लेकर सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक मंचों तक लगातार बयानबाजी जारी है। अब सबकी नजर राज्य सरकार और चुनाव आयोग के अगले कदम पर टिकी हुई है।