गुरप्रीत कालरा
लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
केरल की राजनीति में रिश्तेदारी के आधार पर नियुक्ति को लेकर नया विवाद सामने आया है। राज्य सरकार के एक मंत्री के जीजा को पर्सनल स्टाफ में शामिल किए जाने पर विपक्ष ने तीखा हमला बोला और इसे नेपोटिज्म का उदाहरण बताया। मामला सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में बहस तेज हो गई। विपक्षी दलों ने आरोप लगाया कि योग्यता के बजाय पारिवारिक संबंधों को प्राथमिकता दी गई है। बढ़ते विवाद और सार्वजनिक आलोचना के बीच संबंधित व्यक्ति ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। हालांकि, मंत्री और सरकार की ओर से नियुक्ति प्रक्रिया को नियमों के अनुरूप बताया गया है। इसके बावजूद यह मामला राज्य में राजनीतिक पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर नई चर्चा का विषय बन गया है।