लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
मुस्कान
नई दिल्ली। पर्यावरणविद् और शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक ने जंतर-मंतर पर जारी अपने अनशन के दौरान भावुक अपील करते हुए कहा, "आप लोग यहां ठूंस-ठूंस कर खा रहे हैं, जबकि दूसरी ओर लोग अपने अधिकारों और भविष्य के लिए संघर्ष कर रहे हैं।" उनके इस बयान ने सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में नई चर्चा छेड़ दी है।
वांगचुक ने कहा कि उनका आंदोलन किसी व्यक्तिगत लाभ के लिए नहीं, बल्कि लद्दाख और उससे जुड़े पर्यावरणीय तथा जनहित के मुद्दों को लेकर है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे केवल दर्शक बनकर न रहें, बल्कि समाज और देश से जुड़े गंभीर मुद्दों के प्रति संवेदनशील बनें।
बताया जा रहा है कि उनके अनशन के दौरान स्वास्थ्य पर भी असर पड़ा है। इसके बावजूद उन्होंने कहा है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर सार्थक पहल नहीं होती, तब तक वह पीछे नहीं हटेंगे।