गुरप्रीत कालरा
लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
दुनियाभर में कच्चे तेल की कीमतों ने एक बार फिर डराना शुरू कर दिया है। ब्रेंट क्रूड $120 प्रति बैरल के करीब पहुंच गया है—जो 2022 के बाद सबसे ऊंचे स्तरों में से एक है।
इस तेजी की सबसे बड़ी वजह है Donald Trump का ईरान के खिलाफ सख्त रुख। अमेरिका ने ईरानी पोर्ट्स और अहम तेल रूट Strait of Hormuz पर दबाव बनाए रखा है, जिससे सप्लाई बुरी तरह प्रभावित हुई है।
क्यों उछल रहा है तेल?
- सप्लाई शॉक: होरमुज़ स्ट्रेट दुनिया की लगभग 20% तेल सप्लाई का रास्ता है—यहां बाधा मतलब सीधे ग्लोबल कमी
- ब्लॉकेड का असर: ट्रंप ने साफ किया है कि बिना न्यूक्लियर डील के प्रतिबंध नहीं हटेंगे
- टैंकर ट्रैफिक घटा: जहाजों की आवाजाही में भारी गिरावट, जिससे बाजार में घबराहट
- स्टॉक कम: कई देशों ने रिजर्व इस्तेमाल करना शुरू कर दिया
क्या कहना है ट्रंप का?
ट्रंप का कहना है कि यह रणनीति ईरान पर दबाव बनाने के लिए है और सैन्य हमले से ज्यादा असरदार है।
असर क्या होगा?
- पेट्रोल-डीजल महंगे होने का खतरा
- ट्रांसपोर्ट और फ्लाइट कॉस्ट बढ़ सकती है
- महंगाई (Inflation) फिर बढ़ सकती है
- भारत जैसे आयात पर निर्भर देशों पर ज्यादा दबाव
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह तनाव लंबा चला, तो तेल $120 से भी ऊपर जा सकता है और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर बड़ा असर पड़ सकता है।