बीएमसी में सत्ता परिवर्तन: 25 साल बाद शिवसेना का मेयर पद हाथ से गया
मुंबई महानगरपालिका में लंबे समय बाद बड़ा राजनीतिक उलटफेर देखने को मिला है। भारतीय जनता पार्टी की रितु तावड़े को मुंबई का नया मेयर चुना गया है। इसके साथ ही बीएमसी पर 25 वर्षों से चला आ रहा शिवसेना का नियंत्रण समाप्त हो गया।
घाटकोपर से दो बार पार्षद रह चुकी रितु तावड़े इससे पहले बीएमसी की शिक्षा समिति की अध्यक्ष के रूप में भी जिम्मेदारी निभा चुकी हैं। उनके नाम का ऐलान भाजपा नेता अमित सातम ने किया।
उधर, शिवसेना के संजय शंकर घाडी को उप-महापौर पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वे 15 महीने तक इस पद पर रहेंगे। शिवसेना ने निर्णय लिया है कि उप-महापौर का कार्यकाल चार पार्षदों के बीच बांटा जाएगा। वार्ड नंबर 5 से निर्वाचित घाडी उन नेताओं में शामिल रहे हैं, जिन्होंने 2022 में एकनाथ शिंदे का समर्थन किया था, जिसके बाद महा विकास आघाड़ी सरकार गिर गई थी। उनकी उम्मीदवारी की घोषणा शिवसेना नेता राहुल शेवाले ने की।
227 सदस्यीय बीएमसी में हुए चुनावों में भाजपा 89 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, जबकि शिवसेना को 29 सीटें मिली हैं। सत्तारूढ़ गठबंधन के पास कुल 118 पार्षद हैं, जो बहुमत के आंकड़े 114 से अधिक है और मेयर पद पर उसकी पकड़ को मज़बूत बनाता है।
वहीं, शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे गुट), जिसने 1997 से बीएमसी पर शासन किया था, इस बार 65 सीटों पर सिमट गई। उसके सहयोगी दलों में मनसे को 6 और एनसीपी (शरद पवार गुट) को 1 सीट मिली।
अन्य दलों की स्थिति इस प्रकार रही—
कांग्रेस: 24 सीटें
AIMIM: 8 सीटें
एनसीपी (अजित पवार गुट): 3 सीटें
समाजवादी पार्टी: 2 सीटें
गौरतलब है कि बीएमसी चुनाव नौ साल बाद कराए गए। मार्च 2022 में पिछला कार्यकाल समाप्त होने के बाद नगर निकाय का संचालन प्रशासक के माध्यम से किया जा रहा था।
देश की सबसे समृद्ध नगरपालिकाओं में शामिल बीएमसी का 2025–26 का बजट 74,450 करोड़ रुपये निर्धारित किया गया है।