अंजली गुप्ता
लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
नई दिल्ली, 23 मार्च। टोल मैनेजमेंट और मैनपावर सर्विस देने वाली कंपनी इनोविजन के शेयरों की स्टॉक मार्केट में शुरुआत बेहद निराशाजनक रही। आईपीओ के तहत 519 रुपये के इश्यू प्राइस पर आए इस शेयर की लिस्टिंग बीएसई पर 466 रुपये और एनएसई पर 467.70 रुपये पर हुई, जिससे निवेशकों को शुरुआत में ही करीब 10 प्रतिशत का नुकसान झेलना पड़ा।
लिस्टिंग के बाद भी बिकवाली का दबाव जारी रहा और शेयर फिसलकर 384.80 रुपये तक पहुंच गया। इस तरह पहले ही दिन निवेशकों को करीब 25.86 प्रतिशत यानी 134 रुपये प्रति शेयर तक का भारी नुकसान हुआ।
इनोविजन का आईपीओ 10 मार्च को खुला था, जिसे कमजोर प्रतिक्रिया मिलने के चलते कंपनी को इसकी क्लोजिंग और लिस्टिंग डेट आगे बढ़ानी पड़ी। साथ ही निवेशकों को आकर्षित करने के लिए प्राइस बैंड भी घटाया गया। इसके बावजूद यह इश्यू कुल मिलाकर 3.46 गुना ही सब्सक्राइब हो पाया, जिसमें रिटेल निवेशकों की हिस्सेदारी काफी कमजोर रही।
हालांकि कंपनी के वित्तीय आंकड़े मजबूत वृद्धि की ओर इशारा करते हैं। बीते वर्षों में कंपनी का मुनाफा और राजस्व लगातार बढ़ा है, लेकिन बढ़ते कर्ज ने निवेशकों की चिंता बढ़ाई है।
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि कमजोर सब्सक्रिप्शन, ऊंचा वैल्यूएशन और बाजार की मौजूदा अस्थिरता इस खराब लिस्टिंग की मुख्य वजह रही।