लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
शालू कुमारी
दिलजीत दोसांझ की फिल्म 'सतलुज' एक बार फिर चर्चा में है। भारत में OTT प्लेटफॉर्म से रिलीज के महज 48 घंटे के भीतर फिल्म हटाए जाने के बीच अभिनेता ने इसकी शूटिंग के अनुभव साझा किए।
दिलजीत ने बताया कि इस फिल्म पर काम करना उनके करियर के सबसे चुनौतीपूर्ण अनुभवों में से एक था। उन्होंने कहा कि कहानी और किरदार का भावनात्मक असर इतना गहरा था कि शूटिंग के दौरान कई बार उनका दिल टूट गया। उन्होंने इसे मानसिक और शारीरिक रूप से बेहद थका देने वाला सफर बताया।
फिल्म मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन से प्रेरित है और लंबे समय तक सेंसर संबंधी विवादों में रही। बाद में बदले हुए नाम 'सतलुज' के साथ OTT पर रिलीज हुई, लेकिन दो दिन के भीतर भारत में प्लेटफॉर्म से हटा दी गई। इस फैसले के बाद फिल्म और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर नई बहस शुरू हो गई है।
दिलजीत ने कहा कि उन्हें पहले से अंदेशा था कि फिल्म को मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। इसके बावजूद उन्होंने इस प्रोजेक्ट को अपने करियर की सबसे महत्वपूर्ण फिल्मों में से एक बताया और दर्शकों के प्यार के लिए आभार जताया।