लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
शालू कुमारी
दिलजीत दोसांझ स्टारर फिल्म 'सतलुज' को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। फिल्म के OTT प्लेटफॉर्म से हटाए जाने के बाद दिल्ली सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी (DSGMC) ने इसके समर्थन में बड़ा ऐलान किया है। संगठन ने कहा है कि वह फिल्म को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाने के लिए सार्वजनिक स्क्रीनिंग आयोजित करेगा।
DSGMC के अध्यक्ष हरमीत सिंह कालका ने कहा कि 'सतलुज' मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन और उनके संघर्षों पर आधारित कहानी है। संगठन का कहना है कि खालड़ा ने पंजाब में लापता लोगों और कथित मानवाधिकार उल्लंघनों से जुड़े मामलों को सामने लाने का काम किया था।
सिख संगठन ने यह भी घोषणा की है कि फिल्म की स्क्रीनिंग के साथ-साथ स्कूलों और कॉलेजों में जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन और उनके काम पर सेमिनार आयोजित किए जाएंगे। संगठन का उद्देश्य नई पीढ़ी को खालड़ा के योगदान और उनके संघर्ष के बारे में जानकारी देना है।
'सतलुज' में दिलजीत दोसांझ ने जसवंत सिंह खालड़ा की भूमिका निभाई है, जबकि अर्जुन रामपाल भी फिल्म का हिस्सा हैं। फिल्म का निर्देशन हनी त्रेहान ने किया है और इसकी कहानी पंजाब के एक संवेदनशील दौर की घटनाओं पर आधारित है।
फिल्म को OTT प्लेटफॉर्म से हटाए जाने के बाद सोशल मीडिया और फिल्म इंडस्ट्री में बहस तेज हो गई है। DSGMC ने फिल्म हटाने के फैसले पर आपत्ति जताते हुए कहा कि ऐसी कहानियों को लोगों तक पहुंचना चाहिए।
विवाद के बीच 'सतलुज' और जसवंत सिंह खालड़ा की कहानी एक बार फिर चर्चा में आ गई है। संगठन अब फिल्म को समुदाय स्तर पर दिखाने और इसके विषय पर बातचीत बढ़ाने की तैयारी कर रहा है।