लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
मुस्कान
पंजाबी और हिंदी सिनेमा के सुपरस्टार दिलजीत दोसांझ ने अपनी फिल्मों के जरिए कई संवेदनशील ऐतिहासिक घटनाओं और वास्तविक जीवन की कहानियों को पर्दे पर उतारा है। उनकी कई फिल्में सिर्फ मनोरंजन तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि सामाजिक और राजनीतिक बहस का भी कारण बनीं। हाल ही में 'सतलुज' को लेकर हुए विवाद के बाद उनकी ऐसी फिल्मों की फिर चर्चा शुरू हो गई है।
1. सतलुज (पहले 'पंजाब 95')
यह फिल्म मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन पर आधारित है। फिल्म रिलीज के बाद कुछ ही समय में OTT प्लेटफॉर्म से हटाए जाने के कारण चर्चा में आ गई और सेंसरशिप व अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर बहस छिड़ गई।
2. पंजाब 1984
यह फिल्म ऑपरेशन ब्लू स्टार के बाद पंजाब में उग्रवाद के दौर की पृष्ठभूमि पर आधारित है। इसमें एक मां की अपने लापता बेटे की तलाश को दिखाया गया है। फिल्म को भावनात्मक प्रस्तुति के लिए सराहा गया, लेकिन इसके विषय को लेकर बहस भी हुई।
3. जोगी
नेटफ्लिक्स पर रिलीज हुई यह फिल्म 1984 के सिख विरोधी दंगों की पृष्ठभूमि पर आधारित है। इसमें दिलजीत ने एक ऐसे युवक का किरदार निभाया है जो हिंसा के बीच अपने परिवार और लोगों की जान बचाने की कोशिश करता है।
4. अमर सिंह चमकीला
निर्देशक इम्तियाज अली की इस फिल्म में दिलजीत ने दिवंगत पंजाबी गायक अमर सिंह चमकीला की भूमिका निभाई। फिल्म को खूब सराहना मिली, लेकिन चमकीला के जीवन, गीतों और उनकी हत्या को लेकर फिर नई बहस शुरू हो गई।
5. सूरमा
यह फिल्म भारतीय हॉकी खिलाड़ी संदीप सिंह के जीवन पर आधारित है। गंभीर चोट के बाद उनकी वापसी और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफलता की कहानी ने दर्शकों को प्रेरित किया और फिल्म को सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली।
दिलजीत दोसांझ ने अपने करियर में ऐसे विषय चुने हैं जिनसे जुड़े सामाजिक, ऐतिहासिक और मानवीय पहलुओं पर अक्सर खुलकर चर्चा होती रही है। यही वजह है कि उनकी ये फिल्में मनोरंजन के साथ-साथ गंभीर विमर्श का भी हिस्सा बनीं।