लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
शालू कुमारी
रात में नींद का अचानक टूट जाना आजकल एक आम समस्या बन गई है। तनाव, गलत दिनचर्या, मोबाइल का ज्यादा इस्तेमाल और अनियमित सोने की आदतें इसकी मुख्य वजह मानी जाती हैं। कई लोग नींद खुलने के बाद फिर से सो नहीं पाते, जिससे अगले दिन थकान और चिड़चिड़ापन महसूस होता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, अगर रात में नींद टूट जाए तो सबसे पहले घबराना नहीं चाहिए। तुरंत मोबाइल या तेज रोशनी का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए क्योंकि इससे दिमाग फिर से एक्टिव हो जाता है और नींद आना मुश्किल हो जाता है।
धीमी और गहरी सांस लेने की तकनीक अपनाना मददगार हो सकता है। इसके अलावा बिस्तर पर करवट बदलकर रिलैक्स रहने की कोशिश करनी चाहिए। अगर 15–20 मिनट तक नींद न आए तो हल्की रौशनी में उठकर कोई शांत गतिविधि जैसे किताब पढ़ना बेहतर विकल्प हो सकता है।
दिनचर्या में सुधार भी बेहद जरूरी है। रोज एक ही समय पर सोना और उठना, कैफीन का सीमित सेवन और सोने से पहले स्क्रीन टाइम कम करना नींद की गुणवत्ता को बेहतर बनाता है।
डॉक्टरों का कहना है कि अगर यह समस्या लगातार बनी रहती है तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और विशेषज्ञ से सलाह लेनी चाहिए।