लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
गुरप्रीत कालरा
नेपाल में हालिया विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन के बाद तबाही का मंजर अभी भी जारी है। नेपाल पुलिस के शनिवार के ताजा आंकड़ों के अनुसार, इस आपदा में मरने वालों की संख्या बढ़कर 1,344 हो गई है। वहीं करीब 4,898 लोगों के अब भी लापता होने की जानकारी सामने आई है।
बाढ़ से प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव दल लगातार अभियान चला रहे हैं। कई जगहों पर सड़कें, पुल, घर और बिजली-पानी की व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है। बड़ी संख्या में लोग अब भी अपने परिवार के सदस्यों के बारे में जानकारी मिलने का इंतजार कर रहे हैं।
इस बीच आपदा के बाद स्वास्थ्य संकट का खतरा भी बढ़ गया है। प्रभावित बिदुर इलाके में जांच किए गए 15 पेयजल स्रोतों में से पांच में E. coli बैक्टीरिया पाए जाने की रिपोर्ट है। इसके चलते अधिकारियों को जलजनित बीमारियों को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरतनी पड़ रही है।
हालांकि राहत अभियान के दौरान उम्मीद की कुछ किरणें भी सामने आई हैं। त्रिशूली नदी क्षेत्र के एक हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सुरंग से दो कर्मचारियों को नौ दिन बाद जिंदा बाहर निकाला गया। बचाव दल अब भी दूसरे संभावित जीवित लोगों और लापता लोगों की तलाश में जुटे हैं।
नेपाल की इस आपदा ने हिमालयी क्षेत्र में बाढ़, भूस्खलन और ग्लेशियर से जुड़े बढ़ते जोखिमों को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं। फिलहाल प्राथमिकता प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाने और लापता लोगों की तलाश जारी रखने की है।