लिसिका ग्रोवर
लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
तृणमूल कांग्रेस ने बुधवार को मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पत्र लिखकर पश्चिम बंगाल के चुनाव अधिकारियों पर भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में राजनीतिक पक्षपात करने का आरोप लगाया है। पार्टी ने विशेष रूप से राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल की भूमिका पर सवाल उठाए हैं।
यह पत्र राज्यसभा के चार सांसदों—डेरेक ओ ब्रायन, सागरिका घोष, मेनका गुरुस्वामी और साकेत गोखले—ने संयुक्त रूप से भेजा है।
पत्र में आरोप लगाया गया है कि नंदीग्राम (पूर्वी मिदनापुर) में आधिकारिक दौरे के दौरान मुख्य निर्वाचन अधिकारी एक स्थानीय भाजपा नेता के साथ देखे गए, जिससे उनकी निष्पक्षता पर प्रश्न उठता है।
गौरतलब है कि नंदीग्राम से इस बार भाजपा के उम्मीदवार शुभेंदु अधिकारी हैं, जो वर्तमान में राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता भी हैं।
तृणमूल कांग्रेस ने अपने पत्र में दावा किया है कि कालिचरणपुर क्षेत्र के भाजपा पदाधिकारी तपन कुमार महापात्र को मुख्य निर्वाचन अधिकारी के साथ देखा गया। पार्टी का कहना है कि किसी राजनीतिक दल से जुड़े व्यक्ति की चुनाव प्रशासन के साथ इस प्रकार की निकटता निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
पत्र में एक अन्य अधिकारी सूरजित राय का भी उल्लेख किया गया है, जिनके बारे में पार्टी ने दावा किया कि उनके शुभेंदु अधिकारी के साथ पहले से निकट संबंध रहे हैं, इसके बावजूद उन्हें नंदीग्राम विधानसभा क्षेत्र का निर्वाचन अधिकारी बनाया गया।
टीएमसी ने यह भी आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग द्वारा नियुक्त कुछ अन्य अधिकारियों के भी भाजपा नेताओं से संबंध रहे हैं, जिससे चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर संदेह उत्पन्न होता है।
पत्र के अंत में पार्टी ने भारत निर्वाचन आयोग से मामले का तत्काल संज्ञान लेने और यह सुनिश्चित करने की मांग की है कि चुनाव से जुड़े सभी अधिकारी व्यवहार और छवि दोनों स्तर पर पूरी तरह निष्पक्ष दिखाई दें।