लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
ऋचा बर्नवाल
नई दिल्ली: सोशल मीडिया पर चलती ट्रेन में पूजा-अर्चना का एक वीडियो तेजी से वायरल होने के बाद भारतीय रेलवे ने पूरे मामले पर सफाई दी है। वीडियो को लेकर कई लोगों ने सवाल उठाए कि क्या सामान्य यात्रियों वाली ट्रेन में इस तरह धार्मिक आयोजन की अनुमति दी गई थी। रेलवे ने स्पष्ट किया कि यह किसी नियमित यात्री कोच में नहीं, बल्कि नियमों के तहत बुक किए गए एक निजी सैलून कोच में आयोजित कार्यक्रम था।
उत्तरी रेलवे के अनुसार संबंधित सैलून कोच को आईआरसीटीसी के माध्यम से 3 लाख रुपये से अधिक शुल्क देकर व्यावसायिक रूप से बुक किया गया था। यह विशेष कोच निजी उपयोग के लिए उपलब्ध कराया गया था और इसमें आयोजित पूजा रेलवे के निर्धारित नियमों के अनुरूप थी।
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि वायरल वीडियो में दिखाई दे रहा कोच आम यात्रियों के लिए आरक्षित नहीं था। यह विशेष श्रेणी का सैलून कोच है, जिसे निर्धारित प्रक्रिया और शुल्क के बाद निजी कार्यक्रमों या विशेष यात्रा के लिए बुक किया जा सकता है। इस कारण सामान्य रेल सेवाओं या यात्रियों की सुविधा पर कोई असर नहीं पड़ा।
वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आईं। कुछ लोगों ने इसे नियमों का उल्लंघन बताया, जबकि रेलवे ने स्पष्ट किया कि पूरी बुकिंग वैध प्रक्रिया के तहत की गई थी और सुरक्षा या परिचालन संबंधी किसी नियम का उल्लंघन नहीं हुआ।
रेलवे की सफाई के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि वायरल वीडियो में दिख रही पूजा किसी सामान्य यात्री डिब्बे में नहीं, बल्कि निजी तौर पर बुक किए गए सैलून कोच में आयोजित की गई थी, जिसके लिए निर्धारित शुल्क का भुगतान किया गया था।