गुरप्रीत कालरा
लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
राजस्थान उच्च न्यायालय ने पांचना बांध का पानी कमांड एरिया की नहरों में तत्काल छोड़ने का आदेश दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि यदि इस आदेश की पालना नहीं हुई, तो संबंधित अधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होना पड़ेगा।
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा और न्यायाधीश शुभा मेहता की खंडपीठ ने रामकेश मीणा द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए यह निर्देश जारी किया।
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने अतिरिक्त महाधिवक्ता बसंत छाबा से पूछा कि क्या बांध में पर्याप्त पानी उपलब्ध है। इस पर सकारात्मक जवाब मिलने के बाद कोर्ट ने कमांड एरिया की नहरों में पानी छोड़ने का सीधा आदेश दे दिया।
याचिका में मांग की गई थी कि पांचना बांध के कमांड क्षेत्र के किसानों के लिए सिंचाई हेतु नहरों में पानी छोड़ा जाए। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता विकास सैनी ने कोर्ट को बताया कि क्षेत्र में केवल किसानों ही नहीं, बल्कि पशु-पक्षियों और अन्य जानवरों के लिए भी पानी की गंभीर समस्या बनी हुई है।
उन्होंने यह भी कहा कि जल वितरण समिति ने नहरों में पानी छोड़ने को लेकर उचित निर्णय नहीं लिया, जिससे किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसलिए जल संसाधन सचिव को निर्देशित किया जाए कि पांचना बांध की नहरों में जल्द पानी छोड़ा जाए।
कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 1 मई तक के लिए स्थगित करते हुए सख्त टिप्पणी की कि यदि तब तक नहरों में पानी नहीं छोड़ा गया, तो जल संसाधन विभाग के सचिव और मुख्य अभियंता को अदालत में हाजिर होना पड़ेगा।
यह आदेश कमांड एरिया के किसानों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है, जो लंबे समय से सिंचाई के लिए पानी की मांग कर रहे थे।