गुरप्रीत कालरा
लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
आम आदमी पार्टी छोड़कर BJP में शामिल हुए राघव चड्ढा को लेकर सियासत लगातार गर्म है। अब इस पूरे घटनाक्रम में अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा का नाम जुड़ने से मामला और चर्चा में आ गया है। नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी और नेता नवजोत कौर सिद्धू ने बड़ा दावा किया है कि राघव चड्ढा की BJP में एंट्री के पीछे प्रियंका चोपड़ा की अहम भूमिका थी।
नवजोत कौर सिद्धू ने एक पॉडकास्ट में कहा कि प्रियंका चोपड़ा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अनुरोध किया था कि “ये मेरे जीजा हैं, इनका ध्यान रखिए।” उनका दावा है कि परिणीति चोपड़ा की बहन होने के नाते प्रियंका ने पारिवारिक स्तर पर हस्तक्षेप किया और राघव को राजनीतिक मुश्किलों से बचाने की कोशिश की।
उन्होंने यह भी कहा कि AAP और राघव चड्ढा के रिश्ते काफी समय से खराब चल रहे थे और पार्टी के भीतर यह माना जा रहा था कि उन पर ED/CBI जैसी जांच एजेंसियों का दबाव आ सकता है। नवजोत कौर के मुताबिक, प्रियंका को यह स्थिति पहले से समझ आ गई थी, इसलिए उन्होंने अपनी पहचान का इस्तेमाल कर BJP के वरिष्ठ नेताओं से बात की।
नवजोत कौर ने दावा किया कि इसी वजह से अरविंद केजरीवाल ने भी राघव चड्ढा के खिलाफ खुलकर आक्रामक रुख नहीं अपनाया। उनका कहना था कि “राघव चड्ढा सिर्फ प्रियंका चोपड़ा की वजह से अब तक बचे हुए हैं।” यह बयान सामने आते ही राजनीतिक और सोशल मीडिया हलकों में बहस तेज हो गई।
हालांकि, इस पूरे मामले पर राघव चड्ढा, प्रियंका चोपड़ा, परिणीति चोपड़ा या BJP की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। इसलिए फिलहाल यह दावा केवल नवजोत कौर सिद्धू के बयान पर आधारित है।
गौरतलब है कि 24 अप्रैल 2026 को राघव चड्ढा ने छह अन्य सांसदों के साथ AAP छोड़कर BJP जॉइन की थी। इस फैसले ने दिल्ली से पंजाब तक सियासी हलचल बढ़ा दी थी। BJP के लिए यह बड़ा राजनीतिक लाभ माना गया, जबकि AAP के लिए इसे बड़ा झटका बताया गया।
अब प्रियंका चोपड़ा के कथित “बैकचैनल सपोर्ट” के दावे ने इस राजनीतिक कहानी में ग्लैमर और नया विवाद दोनों जोड़ दिया है। सवाल यही है—क्या यह सिर्फ दावा है या सचमुच पर्दे के पीछे कोई बड़ी बातचीत हुई थी?