लिसिका ग्रोवर
लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
Omkareshwar के ओंकार पर्वत पर आयोजित पांच दिवसीय एकात्म पर्व के तीसरे दिन रविवार को अद्वैत दर्शन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का अद्भुत संगम देखने को मिला।
आचार्य शंकर सांस्कृतिक एकता न्यास और मध्य प्रदेश शासन के संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित इस पर्व में देशभर के संतों और विशेषज्ञों ने भाग लिया।
कार्यक्रम के दौरान सर्वम एआई के संस्थापक Pratyush Kumar ने कहा कि भारत अपनी अद्वैत आधारित दार्शनिक परंपरा के कारण एआई को सकारात्मक नजरिए से देखता है। उन्होंने बताया कि एआई को नैतिक और उपयोगी बनाने के लिए इसे दर्शन से जोड़ना बेहद जरूरी है।
उन्होंने कहा कि एआई एक यूनिफाइड सिस्टम है, जो जटिल कार्यों को सरल बना सकता है और भविष्य में मानव जैसी संवाद क्षमता भी विकसित कर सकता है।
Indian Institute of Technology Delhi के प्रोफेसर Rahul Garg ने कहा कि यदि युवाओं को अद्वैत दर्शन से जोड़ा जाए, तो भारत में ऐसे स्टार्टअप विकसित हो सकते हैं जो एआई को मूल्य-आधारित दिशा देंगे।
वहीं, Ramakrishna Mission चेन्नई के स्वामी Param Shivananda ने ‘संस्कृति दर्शनम्’ प्रोजेक्ट के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि वे वेदांत और आधुनिक तकनीक को जोड़कर युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य पर काम कर रहे हैं।
कार्यक्रम के दौरान वैदिक अनुष्ठान, यज्ञ और मंत्र पारायण के माध्यम से आध्यात्मिक वातावरण भी सजीव रहा।
पुण्य सलिला Narmada River के तट पर आयोजित इस एकात्म पर्व में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने भी दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया, जिसमें Adi Shankaracharya के अद्वैत दर्शन को मंच पर जीवंत किया गया।