लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
शालू कुमारी
सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की जंतर-मंतर पर जारी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के पांचवें दिन उनकी तबीयत बिगड़ गई। CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने बताया कि वांगचुक का ब्लड शुगर 60 तक गिर गया है और उनका ब्लड प्रेशर भी काफी कम है। उन्होंने कहा कि यदि वांगचुक को कुछ होता है तो इसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी।
दिपके ने एक अन्य आरोप में कहा कि दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन स्थल पर लाइब्रेरी स्थापित करने की कोशिश कर रहे दो युवाओं के साथ कथित तौर पर मारपीट की। उनका दावा है कि पुलिस ने छत्रपति शिवाजी महाराज और भगत सिंह से जुड़ी किताबें भी फेंक दीं। उन्होंने संबंधित एसीपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इन आरोपों पर पुलिस की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
इस बीच, वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे. आंगमो भी प्रदर्शन स्थल पहुंचीं। वहीं, ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) के छह छात्र भी अलग मंच से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल जारी रखे हुए हैं। संगठन का दावा है कि कई छात्रों का ब्लड शुगर खतरनाक स्तर तक गिर गया है, लेकिन वे अपनी मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखेंगे।
प्रदर्शन को CPI(ML) लिबरेशन के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य और आरटीआई कार्यकर्ता निखिल डे सहित कई सामाजिक और राजनीतिक हस्तियों का समर्थन मिला। वक्ताओं ने परीक्षा प्रणाली में कथित अनियमितताओं के मुद्दे पर जवाबदेही तय करने की मांग दोहराई।
CJP का यह प्रदर्शन 20 जून से जंतर-मंतर पर जारी है। संगठन की प्रमुख मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और परीक्षा प्रणाली में कथित अनियमितताओं की जवाबदेही तय करने की है।