लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
मुस्कान
तीन बड़े वैश्विक अध्ययनों में संकेत मिला है कि फाइनेरेनोन दवा का उपयोग किडनी बीमारी से जूझ रहे ऐसे मरीजों में भी लाभदायक हो सकता है, जिन्हें डायबिटीज नहीं है।
फाइनेरेनोन का इस्तेमाल पहले मुख्य रूप से डायबिटीज से जुड़ी किडनी बीमारी के इलाज में किया जाता था। हालांकि, नए शोधों से पता चला है कि यह दवा किडनी की कार्यक्षमता को बनाए रखने और बीमारी की प्रगति को धीमा करने में मरीजों के एक बड़े समूह की मदद कर सकती है।
इन अध्ययनों को प्रतिष्ठित चिकित्सा पत्रिकाओं जैसे New England Journal of Medicine, Journal of the American Medical Association और The Lancet में प्रकाशित किया गया है। शोधकर्ताओं ने फाइनेरेनोन के प्रभावों का मूल्यांकन करते हुए पाया कि यह क्रॉनिक किडनी डिजीज के कुछ मरीजों के लिए नया उपचार विकल्प बन सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, किडनी की पुरानी बीमारी का समय पर प्रबंधन बेहद जरूरी है, क्योंकि इसके बढ़ने से गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। हालांकि, किसी भी दवा के इस्तेमाल से पहले डॉक्टर की सलाह और मरीज की व्यक्तिगत स्वास्थ्य स्थिति का आकलन जरूरी है।शोधकर्ता अब यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि किन मरीजों को इस उपचार से सबसे अधिक लाभ मिल सकता है और लंबे समय में इसके क्या प्रभाव होंगे।