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‘दाल-रोटी हो या क्विनोआ, फर्क नहीं पड़ता’: भाग्यश्री ने फिटनेस और ‘डायबेसिटी’ पर तोड़ीं डाइट मिथ्स

Bhagyashree ने कहा कि फिटनेस के लिए दाल-रोटी या क्विनोआ नहीं, बल्कि संतुलित और सही मात्रा में खाना अहम है। उन्होंने ‘डायबेसिटी’ पर भी बात की।

By : Local News of India

भाग्यश्री फिटनेस और हेल्दी लाइफस्टाइल पर बातचीत करती हुईं, डाइट मिथ्स को लेकर दिया बयान चर्चा में।

लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया 
शालू कुमारी  

अभिनेत्री और फिटनेस एग्ज़पर्ट Bhagyashree ने हाल ही में डाइट और फिटनेस से जुड़े कई मिथ्स पर अपनी राय रखी है। उन्होंने कहा कि अक्सर लोग यह मान लेते हैं कि हेल्दी रहने के लिए विदेशी सुपरफूड्स या खास डाइट अपनाना जरूरी है, जबकि असल में संतुलित भोजन ही सबसे महत्वपूर्ण है।

भाग्यश्री के अनुसार, “दाल-रोटी हो या क्विनोआ, फर्क नहीं पड़ता”, जब तक व्यक्ति अपने खाने में पोषण का संतुलन बनाए रखता है और ओवरईटिंग से बचता है। उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय पारंपरिक भोजन अक्सर अधिक हेल्दी और बैलेंस्ड होता है, जिसे गलत तरीके से कम आंका जाता है।

उन्होंने ‘डायबेसिटी’ (डायबिटीज और ओबेसिटी का कॉम्बिनेशन) पर भी चिंता जताई और कहा कि आज की लाइफस्टाइल में गलत खान-पान और कम फिजिकल एक्टिविटी इसकी बड़ी वजह हैं।

उनका मानना है कि फिटनेस का कोई “वन-साइज़-फिट्स-ऑल” फॉर्मूला नहीं होता, बल्कि नियमित व्यायाम, सही समय पर भोजन और मानसिक संतुलन ही असली कुंजी है।

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