गुरप्रीत कालरा
लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
भारत में शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है, जहां अब बेटियां लगातार आगे बढ़ रही हैं। हालिया रिपोर्ट्स के अनुसार, स्कूल से लेकर कॉलेज तक लड़कियों की भागीदारी और प्रदर्शन दोनों में सुधार हुआ है।
डेटा बताता है कि लड़कियों का एनरोलमेंट और पास प्रतिशत तेजी से बढ़ा है। खासकर हायर एजुकेशन में भी अब लड़कियां बड़ी संख्या में दाखिला ले रही हैं और कई मामलों में लड़कों से बेहतर प्रदर्शन कर रही हैं।
दिलचस्प बात यह है कि कई परिवारों में आज भी लड़कों की पढ़ाई पर ज्यादा खर्च किया जाता है, लेकिन इसके बावजूद नतीजों में लड़कियां आगे निकल रही हैं।
विशेषज्ञ मानते हैं कि इसका कारण बेटियों की मेहनत, जागरूकता और बदलती सामाजिक सोच है। सरकार की योजनाएं—जैसे “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ”—भी इस बदलाव में अहम भूमिका निभा रही हैं।
ग्रामीण और शहरी दोनों इलाकों में लड़कियों की शिक्षा को लेकर सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। पहले जहां स्कूल छोड़ने की दर ज्यादा थी, अब उसमें कमी आई है और उच्च शिक्षा तक पहुंच बढ़ी है।
हालांकि, चुनौतियां अभी भी मौजूद हैं—जैसे कुछ क्षेत्रों में संसाधनों की कमी और सामाजिक बाधाएं—लेकिन कुल मिलाकर तस्वीर पहले से काफी बेहतर है।