गुरप्रीत कालरा
लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
देशभर में टोल सिस्टम को पूरी तरह डिजिटल बनाने के साथ National Highways Authority of India (NHAI) ने FASTag नियमों को सख्त कर दिया है। अब यूजर्स की छोटी-सी चालाकी भी भारी पड़ सकती है।
क्या है पूरा मामला?
NHAI ने पाया कि कई लोग FASTag का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं—जैसे
- एक ही टैग को अलग गाड़ियों में इस्तेमाल करना
- गलत वाहन नंबर लिंक करना
- KYC अपडेट न करना
इसी को रोकने के लिए अब बैंकों को निर्देश दिए गए हैं कि गलत या फर्जी डिटेल वाले FASTag तुरंत ब्लैकलिस्ट किए जाएं।
ब्लैकलिस्ट हुआ तो क्या होगा?
- टोल प्लाजा पर FASTag काम नहीं करेगा
- वाहन को “invalid” माना जाएगा
- आपको दोगुना टोल (double charge) देना पड़ सकता है
कैश खत्म, नियम सख्त
2026 से टोल प्लाजा पूरी तरह डिजिटल हो रहे हैं—अब FASTag या UPI से ही पेमेंट होगा।
अगर FASTag नहीं है या काम नहीं कर रहा:
- 1.25 गुना से लेकर डबल टोल तक जुर्माना
- बार-बार गलती पर रिकॉर्ड VAHAN सिस्टम में फ्लैग हो सकता है
72 घंटे वाला नियम भी अहम
अगर किसी वजह से FASTag से पेमेंट नहीं हुआ, तो उसे “unpaid toll” माना जाएगा।
- 72 घंटे में भुगतान नहीं किया → डबल टोल देना पड़ेगा
यूजर्स क्या करें?
- FASTag KYC अपडेट रखें
- सही वाहन नंबर लिंक करें
- एक वाहन = एक FASTag नियम फॉलो करें
- बैलेंस हमेशा पर्याप्त रखें
निष्कर्ष:
NHAI अब सिस्टम को फुल-प्रूफ बना रहा है। अगर नियम तोड़े या चालाकी की—तो FASTag ब्लैकलिस्ट और जेब पर डबल टोल का सीधा असर तय है।