गुरप्रीत कालरा
लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
छत्तीसगढ़ में गर्मी का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। मौसम विभाग के ताजा अनुमान के अनुसार अगले 72 घंटों के भीतर प्रदेश में तापमान 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है। विशेष रूप से राज्य के मध्य हिस्सों में 24 से 27 अप्रैल के बीच अलग-अलग स्थानों पर भीषण लू (हीटवेव) चलने की प्रबल संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच घर से बाहर न निकलने की सलाह दी है, क्योंकि इस दौरान गर्म हवाओं और तेज धूप का असर सबसे अधिक रहेगा।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, प्रदेश के मौसम को फिलहाल दो प्रमुख मौसमी सिस्टम प्रभावित कर रहे हैं। पहली ट्रफ लाइन पूर्व विदर्भ से दक्षिण के कोमोरिन क्षेत्र तक फैली हुई है, जो तेलंगाना, कर्नाटक और तमिलनाडु से होकर गुजर रही है। वहीं दूसरी ट्रफ उत्तर-पूर्व बांग्लादेश से ओडिशा के उत्तरी हिस्से तक सक्रिय है।
इन सिस्टम्स के प्रभाव से अगले 24 घंटों तक प्रदेश में मौसम पूरी तरह शुष्क बना रहेगा, जिससे गर्मी से राहत मिलने की फिलहाल कोई संभावना नहीं है।
पिछले 24 घंटों के आंकड़ों के अनुसार राजनांदगांव 44 डिग्री सेल्सियस के साथ प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा, जबकि अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 19.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
मध्य और उत्तरी छत्तीसगढ़ में ग्रीष्म लहर का असर तेजी से बढ़ रहा है, वहीं बस्तर संभाग के कई जिलों में मौसम में बदलाव के संकेत मिल रहे हैं।
मौसम विभाग के अनुसार रायपुर सहित कई जिलों में तापमान 44 से 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। दूसरी ओर बस्तर संभाग के बीजापुर, दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा, बस्तर, नारायणपुर, कोंडागांव और उत्तर बस्तर कांकेर जिलों में मेघगर्जन, आकाशीय बिजली और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
प्रदेश के बाकी हिस्सों में भी गर्मी का असर बरकरार रहने की संभावना है।