धार्मिक नगरी मथुरा में होली के पावन अवसर पर एक भव्य ‘होली मिलन समारोह’ का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम 2 मार्च 2026, सोमवार को दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक श्याम घाट स्थित श्री छीतस्वामी तपोस्थली, कुटिया नंबर-1 में संपन्न होगा। आयोजन को लेकर पूरे नगर में उत्साह का वातावरण है और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं व नगरवासियों के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। इस समारोह का आयोजन विश्व सनातन धर्म रक्षक दल (वि.स.ध.र दल) मथुरा द्वारा किया जा रहा है। कार्यक्रम के संयोजक प्रकाश वी. चतुर्वेदी हैं, जो आयोजन की तैयारियों में सक्रिय रूप से जुटे हुए हैं। आयोजकों के अनुसार, यह कार्यक्रम केवल होली मिलन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सामाजिक सौहार्द, सांस्कृतिक समन्वय और एकता का संदेश भी देगा।
समारोह का एक प्रमुख आकर्षण मथुरा और गया की प्रसिद्ध शहनाई पार्टियों की संयुक्त प्रस्तुति होगी। दोनों शहरों के कलाकार एक साथ मंच साझा कर पारंपरिक शहनाई की मधुर ध्वनियों से वातावरण को सांस्कृतिक रंगों से सराबोर करेंगे। आयोजकों का मानना है कि संगीत के माध्यम से समाज में प्रेम और भाईचारे की भावना और अधिक प्रगाढ़ होती है। कार्यक्रम की विशेष थीम “होली पर हिंदू एवं सनातनी मुस्लिम एकता का प्रदर्शन” रखी गई है। आयोजक इसे एक प्रतीकात्मक पहल के रूप में देख रहे हैं, जिसके माध्यम से समाज में आपसी विश्वास और सद्भाव को मजबूत करने का प्रयास किया जाएगा। होली जैसे रंगों के पर्व पर यह संदेश सामाजिक समरसता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

समारोह में उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। वहीं मुख्य अतिथि के रूप में विजय शुक्ला (लोकल न्यूज ऑफ इंडिया चैनल एवं समाचार पत्र, दिल्ली) समारोह में शामिल होंगे। आयोजन समिति का कहना है कि दोनों अतिथियों की उपस्थिति से कार्यक्रम की गरिमा और बढ़ेगी। आयोजन समिति में संस्थापक-संरक्षक विपिन स्वामी, अध्यक्ष रमाकांत गोस्वामी, स्वागताध्यक्ष राजेंद्र भगत जी, महामंत्री मनोहर दास कबल वाले, कोषाध्यक्ष महेश चतुर्वेदी एडवोकेट तथा सांस्कृतिक मंत्री जितेंद्र व्यास सहित अन्य पदाधिकारी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। सभी पदाधिकारी मिलकर कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहे हैं।
आयोजकों ने नगरवासियों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर इस सांस्कृतिक एवं धार्मिक आयोजन को सफल बनाएं। उन्होंने कहा कि होली केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि दिलों को जोड़ने का अवसर भी है। ऐसे में यह समारोह प्रेम, भाईचारे और उत्साह के साथ मिलकर होली मनाने का एक सुंदर मंच साबित होगा।