अंजली गुप्ता
लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
नई दिल्ली, 20 फरवरी। उच्चतम न्यायालय ने कहा है कि दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण से निपटने का सबसे प्रभावी और स्थायी समाधान बड़े पैमाने पर पेड़ लगाना है। चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि अगर एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) में सुधार करना है तो व्यापक स्तर पर पौधारोपण जरूरी है। कोर्ट ने यह टिप्पणी दिल्ली के रिज एरिया में पेड़ों की कटाई से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान की। इससे पहले 28 मई, 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने दक्षिणी रिज क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण के लिए अवैध रूप से पेड़ काटने के मामले में Delhi Development Authority (डीडीए) के अधिकारियों को अवमानना का दोषी ठहराया था।
पीठ ने जिम्मेदार अधिकारियों पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया था। अदालत डीडीए के उपाध्यक्ष सुभाशीष पांडा के खिलाफ दायर अवमानना याचिका पर सुनवाई कर रही थी। 16 मई, 2024 को कोर्ट ने पांडा को कथित रूप से गुमराह करने वाला हलफनामा दाखिल करने पर अवमानना नोटिस जारी किया था। हलफनामे में कहा गया था कि उनकी जानकारी के बिना 642 पेड़ काटे गए। इस पर कोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा था कि बिना अनुमति एक भी पेड़ नहीं काटे जाने चाहिए थे, फिर भी 10 दिनों तक कटाई जारी रही।
पीठ के सदस्य जस्टिस एएस ओका ने टिप्पणी की थी कि अपने 20 वर्षों के न्यायिक अनुभव में उन्होंने ऐसा गुमराह करने वाला हलफनामा नहीं देखा।