मिठाई लाल यादव
लोकल न्यूज ऑफ इंडिया
मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले की सरई तहसील अंतर्गत कई गांवों में सोमवार को करीब तीन बजे अचानक मौसम ने करवट ले ली। तेज हवा और बादलों की सक्रियता से किसानों की चिंता एक बार फिर बढ़ गई है।
ज्ञात हो कि पिछले दिनों धान की कटाई के समय लगातार हुई बारिश ने किसानों को भारी नुकसान पहुंचाया था। लगभग दस दिनों तक रुक-रुक कर हुई वर्षा के कारण खेतों में रखी धान की फसल भीग गई और कई जगहों पर खराब हो गई। इससे किसानों को आर्थिक रूप से बड़ा झटका लगा।

अब क्षेत्र में गेहूं की फसल धीरे-धीरे तैयार हो रही है। ऐसे में मौसम का अचानक बदला मिजाज किसानों के लिए नई परेशानी बनकर सामने आया है। किसानों का कहना है कि यदि इसी तरह असमय बारिश होती रही, तो गेहूं की फसल भी बर्बाद हो सकती है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि धान की फसल खराब होने के बावजूद किसानों को अब तक पर्याप्त मुआवजा या सहयोग राशि नहीं मिल पाई है। ऐसे में यदि गेहूं की फसल को भी नुकसान होता है, तो किसानों के लिए परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल हो जाएगा।
किसानों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि फसलों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाए जाएं तथा पूर्व में हुए नुकसान का उचित मुआवजा शीघ्र प्रदान किया जाए, ताकि उन्हें आर्थिक संकट से राहत मिल सके।
