पिंकी कुमारी
लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
पटना, बिहार के दरभंगा जिले के अलीनगर प्रखंड अंतर्गत लगभग चार हजार की आबादी वाले हरसिंगपुर गांव में जल-जीवन-हरियाली अभियान के तहत बने चेक डैम ने ग्रामीण जीवन में बड़ा बदलाव ला दिया है। लाखों रुपये की लागत से निर्मित इस चेक डैम ने गांव के जल संकट को समाप्त करने के साथ-साथ कृषि और पशुपालन को नई दिशा दी है।
कुछ वर्ष पहले तक हरसिंगपुर गांव में वर्षा जल संचयन की कोई स्थायी व्यवस्था नहीं थी। बरसात के दौरान पानी तेजी से बहकर नदियों और नालों में चला जाता था, जिससे जल संरक्षण संभव नहीं हो पाता था। गर्मियों में भू-जल स्तर अत्यंत नीचे चला जाता था, जिसके कारण कुएं, चापाकल और अन्य जलस्रोत सूख जाते थे।
इस स्थिति में गांव की खेती पूरी तरह वर्षा पर निर्भर थी और किसान केवल एक फसल ही उगा पाते थे। सिंचाई के अभाव में उत्पादन कम होता था, जिससे किसानों की आय घट गई थी। साथ ही पशुपालन और घरेलू उपयोग के लिए भी पानी की भारी कमी बनी रहती थी। रोजगार के सीमित अवसरों के कारण गांव के युवाओं को शहरों की ओर पलायन करना पड़ता था
गांव की इस गंभीर समस्या को देखते हुए ग्रामीण विकास विभाग ने जल संचयन के लिए चेक डैम निर्माण का निर्णय लिया। इसके तहत मनरेगा योजना के अंतर्गत 9 लाख 84 हजार रुपये की लागत से चेक डैम का निर्माण कराया गया। चेक डैम बनने से अब वर्षा जल का संचयन संभव हो गया है और इससे गांव के किसानों को बड़ा लाभ मिल रहा है। लगभग 250 एकड़ कृषि भूमि की सिंचाई सुनिश्चित हुई है। इसके अलावा करीब 500 पशुधन के लिए भी पानी की उपलब्धता आसान हो गई है।
चेक डैम बनने के बाद गांव में खेती की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। अब किसान सब्जी, तिलहन और दलहन जैसी फसलों की खेती भी करने लगे हैं। इससे उनकी आय में वृद्धि हुई है और आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है।
हरसिंगपुर के किसान शंकर यादव ने बताया कि चेक डैम बनने से गांव में पानी की समस्या पूरी तरह समाप्त हो गई है और खेती तथा पशुपालन में काफी सुधार हुआ है। वहीं किसान उमेश यादव ने कहा कि यह योजना जल संरक्षण और ग्रामीण विकास की दिशा में अत्यंत सफल साबित हुई है।
चेक डैम बनने से गांव में हरियाली बढ़ी है और पर्यावरणीय संतुलन में भी सकारात्मक बदलाव आया है। इस परियोजना से अब तक 670 लोगों को प्रत्यक्ष रूप से लाभ मिल चुका है। ग्रामीणों का कहना है कि स्थायी जलस्रोत बनने से गांव में खुशहाली लौटी है और जीवन स्तर में सुधार हुआ है।
ग्रामीणों के अनुसार, जल-जीवन-हरियाली अभियान के तहत बना यह चेक डैम गांव के लिए विकास का नया द्वार साबित हुआ है और भविष्य में भी यह जल प्रबंधन और कृषि विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहेगा।