लक्ष्मी शर्मा लोकल न्यूज ऑफ इंडिया
भुवनेश्वर । देश में लागू नई आपराधिक कानून व्यवस्था को आम लोगों तक सरल और प्रभावी ढंग से पहुँचाने के उद्देश्य से ओड़िशा पुलिस द्वारा न्याय संहिता प्रदर्शनी का आयोजन किया जा रहा है । यह प्रदर्शनी भुवनेश्वर के यूनिट-III स्थित एग्ज़ीबिशन ग्राउंड में लगाई जा रही है, जिसका उद्घाटन 6 मार्च को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह करेंगे । इस अवसर पर ओड़िशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी भी उपस्थित रहेंगे । डीजीपी योगेश बहादुर खुरानिया ने गुरुवार 5 मार्च को पुलिस सेवा भवन में आयोजित प्रेस वार्ता में इस प्रदर्शनी की जानकारी दी । उन्होंने बताया कि यह आयोजन देश में लागू किए गए तीन नए आपराधिक कानूनों— भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (बीएसए) के बारे में लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से किया जा रहा है । ये कानून 1 जुलाई 2024 से लागू हुए हैं और इन्होंने औपनिवेशिक दौर के पुराने कानूनों की जगह ली हैं ।

डीजीपी खुरानिया ने अपने संबोधन में कहा कि नई व्यवस्था में दंडात्मक दृष्टिकोण की जगह न्याय और पीड़ितों के अधिकारों को प्राथमिकता दी गई है । उन्होंने कहा, यह औपनिवेशिक दंड व्यवस्था से हटकर न्याय केंद्रित प्रणाली की ओर ऐतिहासिक बदलाव है, जहां पीड़ित की गरिमा और समय पर न्याय सुनिश्चित करना मुख्य उद्देश्य है ।
यह प्रदर्शनी 7 से 10 मार्च तक आम लोगों के लिए खुली रहेगी । इसमें कुल 10 स्टॉल लगाए जाएंगे, जिनमें अपराध स्थल से लेकर हाईकोर्ट तक की पूरी न्यायिक प्रक्रिया को प्रदर्शित किया जाएगा ।
प्रदर्शनी में आधुनिक तकनीकों का भी प्रदर्शन किया जाएगा । इसमें डिजिटल साक्ष्य के लिए ई-साक्ष्य प्रणाली, बायोमेट्रिक पहचान के लिए नेशनल ऑटोमेटेड फिंगरप्रिंट आइडेंटिफिकेशन सिस्टम (NAFIS) तथा मोबाइल फोरेंसिक यूनिट्स के जरिए घटनास्थल पर तुरंत जांच की प्रक्रिया को दिखाया जाएगा । गंभीर अपराधों में अनिवार्य फोरेंसिक जांच की व्यवस्था को भी प्रदर्शित किया जाएगा । इसके अलावा विभिन्न स्टॉलों में 112 आपातकालीन हेल्पलाइन, पुलिस स्टेशन की कार्यप्रणाली, अस्पतालों के साथ समन्वय, फोरेंसिक प्रयोगशालाएं, लोक अभियोजन, जिला न्यायालय, जेल व्यवस्था और हाईकोर्ट की कार्यवाही जैसी व्यवस्थाओं की जानकारी दी जाएगी ।
प्रदर्शनी में विशेष रूप से स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप द्वारा माओवादी गतिविधियों से निपटने की रणनीति, ओड़िशा डिजास्टर रैपिड एक्शन फोर्स (ODRAF) की आपदा प्रबंधन भूमिका, पुलिस आधुनिकीकरण, महिलाओं की सुरक्षा और अपराध रोकथाम से जुड़े प्रयासों को भी प्रदर्शित किया जाएगा ।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में डीजीपी (क्राइम ब्रांच) बिनयतोष मिश्रा और एडीजीपी (रेलवे और तटीय सुरक्षा) अरुण बोथरा सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहें ।
ओडिशा पुलिस के अनुसार यह प्रदर्शनी नई न्याय प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाने और आम जनता का भरोसा मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है ।