लिसिका ग्रोवर
लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
Nepal में Balen Shah के कार्यालय (पीएमओ) ने एक अहम निर्देश जारी किया है। इसके तहत अब कोई भी मंत्रालय बिना प्रधानमंत्री कार्यालय की स्वीकृति के किसी भी नीतिगत फैसले को सार्वजनिक नहीं कर सकेगा।
प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी निर्देश में कहा गया है कि विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों की एक टीम पीएमओ में मौजूद है, जिन्हें अलग-अलग मंत्रालयों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। ऐसे में किसी भी निर्णय या सूचना को सार्वजनिक करने से पहले इन विशेषज्ञों की मंजूरी लेना अनिवार्य होगा।
प्रधानमंत्री की प्रेस सलाहकार Deepa Dahal ने स्पष्ट किया कि अब सभी मंत्रालयों को किसी भी प्रेस विज्ञप्ति या सूचना जारी करने से पहले पीएमओ से अनुमोदन लेना होगा। उन्होंने बताया कि 27 मार्च को प्रधानमंत्री बनने के बाद बालेन्द्र शाह ने अपनी टीम में राजनीतिक सलाहकारों, संचार विशेषज्ञों और जनसंपर्क पेशेवरों को शामिल किया है।
हालांकि, इस नई व्यवस्था को लेकर प्रशासनिक हलकों में कुछ असमंजस भी देखने को मिल रहा है। एक अधिकारी ने सवाल उठाया कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में यदि केवल पीएमओ की मंजूरी के बाद ही जानकारी सार्वजनिक होगी, तो इसका क्या प्रभाव पड़ेगा।
इससे पहले 31 मार्च को प्रधानमंत्री शाह ने मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों को रोजाना अपने कार्यों का विवरण प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए थे। पीएमओ ने सभी मंत्रालयों, विभागों और आयोगों को पत्र भेजकर दिनभर के कार्यों की रिपोर्ट देने को कहा है। इसके लिए सहसचिव स्तर के अधिकारियों को फोकल पर्सन नियुक्त किया गया है।