लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
मुस्कान
दिल्ली हाईकोर्ट ने रेस्टोरेंट चेन वीर जी मलाई चाप को कथित रूप से भ्रामक प्रचार सामग्री हटाने का आदेश दिया है। आरोप है कि कंपनी ने प्रचार वीडियो और वेबसाइट कंटेंट में किसी तीसरे पक्ष की मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी और उत्पादन प्रक्रिया को अपनी सुविधा के तौर पर पेश किया।
मामले में Zippy ने अदालत के समक्ष आपत्ति जताई थी कि उसकी उत्पादन इकाई और प्रक्रियाओं का इस्तेमाल गलत तरीके से प्रचार के लिए किया गया। अदालत ने मामले की सुनवाई के बाद संबंधित वीडियो और सामग्री हटाने का निर्देश दिया।
हाईकोर्ट ने कहा कि व्यावसायिक प्रचार में तथ्यों को सही तरीके से प्रस्तुत करना जरूरी है और किसी अन्य कंपनी की सुविधाओं को अपनी बताकर दिखाना उपभोक्ताओं को भ्रमित कर सकता है।
मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। अदालत के अंतिम निर्णय तक दोनों पक्षों के दावों पर विचार किया जाएगा।