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ओडिशा में जल्द लगेंगे चार और डॉप्लर रडार, मौसम पूर्वानुमान होगा और सटीक

ओडिशा सरकार राज्य में चार और डॉप्लर मौसम रडार लगाएगी। इससे मौसम पूर्वानुमान और आपदा प्रबंधन प्रणाली को मजबूत करने के साथ चक्रवात व भारी बारिश की सटीक चेतावनी मिल सकेगी।

By : Local News of India
ओडिशा में जल्द लगेंगे चार और डॉप्लर रडार, मौसम पूर्वानुमान होगा और सटीक

लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया 
ऋचा बर्नवाल 

भुवनेश्वर: ओडिशा सरकार ने राज्य की मौसम निगरानी और आपदा प्रबंधन व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए चार नए डॉप्लर वेदर रडार (DWR) स्थापित करने का फैसला किया है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने बताया कि इन रडारों की स्थापना से मौसम पूर्वानुमान की सटीकता बढ़ेगी और चक्रवात, भारी वर्षा, आंधी-तूफान तथा अन्य प्राकृतिक आपदाओं की समय रहते बेहतर चेतावनी जारी की जा सकेगी।

राज्य सरकार के अनुसार, संबलपुर में डॉप्लर रडार की स्थापना का कार्य अंतिम चरण में है और इसका जल्द उद्घाटन किया जाएगा। इसके अलावा बालासोर, भुवनेश्वर और पुरी में भी नए डॉप्लर रडार स्थापित किए जाएंगे। सरकार ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि सभी परियोजनाओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए ताकि मानसून और चक्रवात के दौरान लोगों को अधिक प्रभावी मौसम संबंधी जानकारी उपलब्ध कराई जा सके।

भुवनेश्वर में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष (SDRF), राज्य आपदा शमन कोष (SDMF) और राष्ट्रीय आपदा शमन कोष (NDMF) के तहत चल रही परियोजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी लंबित परियोजनाओं को तेजी से पूरा किया जाए और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित किया जाए। बैठक में बहुउद्देशीय बाढ़ एवं चक्रवात केंद्रों के निर्माण, जल संसाधनों के बेहतर उपयोग और भविष्य की आपदा तैयारियों पर भी विस्तार से चर्चा हुई।

विशेषज्ञों का मानना है कि ओडिशा देश के उन राज्यों में शामिल है जहां चक्रवात और अत्यधिक वर्षा जैसी प्राकृतिक आपदाएं बार-बार आती हैं। ऐसे में आधुनिक डॉप्लर रडार नेटवर्क मौसम की वास्तविक समय निगरानी, तेज चेतावनी प्रणाली और आपदा प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इससे प्रशासन को समय रहते राहत एवं बचाव कार्यों की बेहतर योजना बनाने में मदद मिलेगी और जन-धन की हानि को कम किया जा सकेगा।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि मौसम निगरानी प्रणाली को आधुनिक बनाने के साथ-साथ आपदा प्रबंधन के बुनियादी ढांचे को भी मजबूत किया जा रहा है। नए डॉप्लर रडार शुरू होने के बाद राज्य के अधिकांश हिस्सों में मौसम की अधिक सटीक निगरानी संभव होगी, जिससे किसानों, मछुआरों, प्रशासन और आम नागरिकों को समय पर विश्वसनीय मौसम संबंधी जानकारी उपलब्ध कराई जा सकेगी।

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